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भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन : 17 July से शुरू

By mBlog.in · 13 Jul 2026, 6:11 pm IST
भारत 17 जुलाई को हरित रेलवे युग में कदम रखने जा रहा है। जोकि एक बड़ा कदम होगा, और प्रधानमंत्री हरियाणा के जींद से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। उद्घाटन सेवा जींद–सोनीपत रेलखंड पर चलेगी। इसके साथ भारत जापान, अमेरिका, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित होती हैं।

जींद से सोनीपत तक सफर

पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद सिटी से सोनीपत तक 89 किमी की दूरी लगभग 2 घंटे में तय करेगी। इस मार्ग पर कुल 12 स्टेशन होंगे। उद्घाटन सेवा 17 जुलाई को चलेगी। फिलहाल यह विशेष सेवा होगी, जबकि नियमित यात्री संचालन की तिथि भारतीय रेलवे बाद में घोषित करेगा।

कितनी सीटें, कितने कोच?

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 10 आधुनिक कोच होंगे। इसमें 682 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि कुल यात्री क्षमता लगभग 2,600 है। ट्रेन की परिचालन गति 75 किमी/घंटा और अधिकतम गति 120 किमी/घंटा है। इसमें 2400 किलोवाट की शक्ति और 1200 किलोवाट की हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणाली लगी है।

हाइड्रोजन ट्रेन क्या है?

हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrail) डीजल इंजन का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है। इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल रासायनिक अभिक्रिया से बिजली बनाती है, जिससे ट्रेन चलती है। इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन नहीं होता, बल्कि केवल पानी की भाप निकलती है। इसलिए इसे भविष्य की स्वच्छ और ग्रीन रेलवे तकनीक माना जाता है।

भारत के लिए क्यों खास है यह ट्रेन?

पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन भारत के 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' मिशन की बड़ी उपलब्धि है। यह नॉन-इलेक्ट्रिफाइड रेल मार्गों पर डीजल इंजनों का स्वच्छ विकल्प बनेगी, जिससे प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन घटेगा। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, स्वदेशी तकनीक और टिकाऊ परिवहन की दिशा में भारतीय रेलवे का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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