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भोपाल की कमाई ने इंदौर को छोड़ा पीछे! 💰
By mb Bhopal Team · 01 Jul 2026, 10:51 pm IST
राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन के श्रम एवं रोजगार सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भोपाल के लोग सप्ताह में केवल 50 मिनट अधिक (47 घंटे) काम करते हैं, लेकिन उनकी मासिक कमाई इंदौर के मुकाबले करीब ₹15,000 तक ज्यादा है। सर्वे में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 4,070 लोगों को शामिल किया गया। रिपोर्ट बताती है कि बड़े शहरों में रोजगार और बेहतर आय के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
कमाई में भोपाल सबसे आगे! इंदौर से सिर्फ 50 मिनट ज्यादा काम, लेकिन वेतन में ₹15 हजार तक का अंतर
अगर आप सोचते हैं कि मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा कमाई इंदौर के लोगों की होती होगी, तो यह खबर आपको चौंका सकती है। देश के राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) द्वारा किए गए नवीनतम श्रम बल एवं रोजगार सर्वेक्षण में सामने आया है कि प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भोपाल आय के मामले में आर्थिक राजधानी इंदौर से आगे निकल गई है।
रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के लोग सप्ताह में औसतन 47 घंटे काम करते हैं, जो इंदौर के लोगों की तुलना में केवल करीब 50 मिनट अधिक है। लेकिन कमाई की बात करें तो नियमित नौकरी करने वाले और स्वरोजगार से जुड़े लोगों की मासिक आय इंदौर के मुकाबले लगभग ₹15,000 तक अधिक दर्ज की गई है।
चार प्रमुख शहरों का किया गया अध्ययन
यह सर्वे मध्यप्रदेश के चार प्रमुख शहरों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर—में किया गया। इसके लिए 4,070 लोगों को शामिल कर रोजगार, कार्य घंटे, आय और स्वरोजगार जैसी विभिन्न जानकारियां जुटाई गईं। इसके बाद आंकड़ों का विश्लेषण कर यह रिपोर्ट तैयार की गई।
आखिर भोपाल क्यों निकला आगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, अनुसंधान संस्थान, शिक्षा संस्थान तथा आईटी एवं सेवा क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। इन क्षेत्रों में मिलने वाला वेतन अपेक्षाकृत अधिक होता है, जिससे औसत आय बढ़ जाती है।
दूसरी ओर इंदौर व्यापार, उद्योग और निजी क्षेत्र का बड़ा केंद्र होने के बावजूद वहां बड़ी संख्या में छोटे व्यवसाय, खुदरा व्यापार और मध्यम आय वाले रोजगार भी मौजूद हैं, जिससे औसत आय का स्तर कुछ कम दिखाई देता है।
देशभर में क्या दिखा रुझान?
राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन के अध्ययन में यह भी सामने आया कि देश के बड़े शहरों में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। सेवा क्षेत्र, आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं और स्टार्टअप्स के विस्तार से शहरी क्षेत्रों में बेहतर वेतन वाली नौकरियां बढ़ रही हैं। हालांकि विभिन्न शहरों के बीच आय में अभी भी उल्लेखनीय अंतर देखने को मिलता है।